बिन नौकरी पेंशन खाऊ हरामखोर है प्रजानन। सरकारी नौकर पैंतीस से चालीस साल नौकरी करता घिस जाता है तो पेंशन पाता है और प्रजानन दो वर्ष, पांच वर्ष मौज-मस्ती, सस्ती-सस्ती करके ताउम्र पेंशन सुविधाएं पाता है। धीरे-धीरे देश ऐसी सुविधाभोगियों से भर जाता है और बरबादियों के कगार पर पहुँच जाता है।
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