मतठग एक अन्य नाम है प्रजानन का। हिन्दू, मुस्लिम, सिक्ख, ईसाई, बौद्ध, विवेकानन्दी (अल्पसंख्यक), जैन उर्फ प्रजा सतरंगिया होती है। बपपन में पढ़ा था सतरंगिया को मत छूना काटेगा मर जाओगे। प्रजानन सतरंगिया गिरगिट होता है, रंग बदलता है। मन्दिर में हिन्दू, मस्जिद में मुसलमान, गुरुद्वारे में सिक्ख, गिरजे में ईसाई, विहार में बौद्ध, आश्रम में विवेकानन्दी, तीर्थ में जैनी बनता है, ओर मोटी भाषा में पक्का चार सौ बीस सिद्धान्तखाऊ होता है। इतना चार सौ बीस होता है कि हजारों अलग-अलग सात रंग बटों को भी धोखा दे देता है और उनके मत ठग लेता है।
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